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मान जाट गोत्र

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जाटों में मान गोत्र चन्द्रवंश की एक बड़ी व प्रमुख शाखा के रूप में गिना जाता है। अगर इतिहास में हम देखे तो महाभारत में लडऩे वाले यदुवंशी हन्यमान क्षत्रियों का वर्णन हमें प्राप्त होता है। जानकारी के अनुसार इनका एक बड़ा जनपद भी था। अगर हम विष्णु पुराण को पढे तो हमें इनका उल्लेख वहां भी प्राप्त होता है विष्णु पुराण में इनका उल्लेख गन्धर्वों के एक कबीले मौनो के रूप में किया गया है। जिन्होंने नागाओं को नष्ट कर दिया था।
अगर हम  मान शासकों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रमुख स्रोत है उस समय के सिक्के । मान शासकों के सिक्के गोव तथा कोंकन क्षेत्रों में मिलते हैं। इसके साथ ही साथ मार्कण्डेय पुराण को पढे तो हम पाते है कि मान वंश का देश उत्तर दिशा में लिखा है। जबकि दूसरी और केम्ब्रीज एनशन्ट हिस्ट्री के अनुसार मान जाटों की निवास भूमि का नाम  मान्नाई था जिसकी स्थिति अर्मिया झील के दक्षिण में थी, वहां इनका शासन था। 800 ई पूर्व में इनका राज्य कैस्पियन सागर के दक्षिण में था जो मन्नाई या मान्नाई राज्य कहलाता था जो आज अर्मेनिया है। जबकि कुछ इतिहासकारों ने यह लिखा है कि मान गोत्र का राजा मान नाम का था उसी के नाम पर इस गोत्र का प्रचलन हुआ। ये मान गोत्र के जाट सूर्यवंशी हैं। 
अगर हम बात पंजाब की करें तो मान गोत्र के लोग पंजाब में सिक्ख जाट हैं जबकि वहीं दूसरी और हरियाणा और यूपी में देखे तो हरियाणा में यूपी में तथा  राजस्थान में हिन्दू वैदिक धर्मी हैं। हिसार में मुढाल व राजथल, रोहतक में ईशर खेड़ी, लोआ कलां, अलीपुर, खेड़ा मान, हलूण्डी कलां, हलूण्डी खुर्द, नया बासमान, पहलादपुर आदि। भिवानी में मुंढाल, दिल्ली प्रान्त में पहलादपुर, बांगर, होलंबी खेड़ा मान जाटों के गांव हैं।
मान जाट यू0 पी0, हरियाणा तथा राजस्थान में वैदिकधर्मी हैं। अगर हम इनकी शारीरिक संचरना की बात करें तो मान जाट लम्बे कद वाले, गेहूंरंगे, खूबसूरत तथा बड़े बहादुर हैं। पश्चिमी पाकिस्तान के डेरा इस्माइलखान आदि क्षेत्रों में इन के लिए कहावत प्रसिद्ध है कि मान-पूनिया , खान पीन में अलग-अलग, लूटने में । अर्थात् ये तीनों जाटगोत्र उधर के आतंककारी बहुसंख्यक गिरोह थे।

भारत सरकार द्वारा सन् 1911 में कराई गई जनगणना के अनुसार पंजाब में मान जाटों की संख्या निम्न प्रकार से थी।
1. मान हिन्दू जाट - 12587 (जिले - शाहपुर, लायलपुर, रियासत लोहारू, कलसिया, पटियाला, जींद, नाभा)।
2. मान सिक्ख जाट - 37482 (जिले - अम्बाला, लायलपुर, रियासत पटियाला, जींद, नाभा)।
3. मान मुसलमान जाट - 5261 (जिले - अम्बाला, लायलपुर, रियासत जींद)।
कुल संख्या - 55330
इनके अतिरिक्त उत्तरप्रदेश में लगभग 3000 थी।
समाज सेवी  - चौधरी रणसिंह मान, श्रीमती जानकी दवी, उदयसिंह मान, आदि रहे हैं।