शक्ति और संतुलन का मिश्रण जाट समाज- मनोहर लाल




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CM spoke big about Jats third party image
jat चंडीगढ़। गुरुग्राम जिला में jat कल्याण सभा का वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शिरकत करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में हरियाणा एक -हरियाणवी एक का नारा दिया। इसके अलावा उन्होंने jat समुदाय की प्रशंसा करते हुए कहा कि jat समुदाय देश की रक्षा करने के साथ ही साथ जनता का पेट भरने वाला एक प्रमुख समुदाय है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम हैं। जाट समुदाय ही ऐसा समुदाय है जो शक्ति और शांति को अपने में समाहित करते हुए इनका संतुलन बनाए रखता है।

jat व हरियाणा के बारे में क्या कहा सीएम मनोहर लाल खट़टर ने

jat व हरियाणा के संबंध में बात करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा कई स्तरों पर आज भी अन्य राज्यों से आगे दिखाई देता है लेकिन जब बात पूरे राष्ट्र की आती है हमें सभी के साथ मिलकर देश के सम्मान और गौरव के लिए एक साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। अगर हम समाज व जातियों के निर्माण के इतिहास पर नजर दौड़ाए तो जातियों का निर्माण व्यवस्था और सामाजिक उत्थान व सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए बनाया गया था। इसी लिए सभी का कर्तव्य है कि सभी जातियों व सभी समाज को एक साथ लेकर चलना होगा। जिस प्रकार से परिवार में बड़ा भाई परिवार के सभी सदस्यों का ख्याल रखता है ठीक उसी प्रकार से हम सभी को भी एक साथ मिलकर देश के विकास और राज्य के विकास के लिए कार्य करना होगा।

सीएम मनोहर लाल ने किया जाट महापुरूषों को याद

सभी को संबोधित करते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा कि राजा नाहर सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह, दीनबंधु सर छोटू राम, महारानी किशोरी देवी, सेठ छाजू राम, महाराजा सूरजमल सभी जाट समुदाय के महापुरूष है। सभी ने हमेशा ही देश और समाज के उत्थान के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन महापुरूषों के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। देश और समाज का सम्मान सबसे ऊपर होता है।
इसके अलावा भी उन्होंने जाट समाज के नौजवान युवाओं के अलावा युवतियों की बात भी की जो आज राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने मंच से कृष्णा पूनिया ,ममता खरब, गीता फोगाट, गीतिका जाखड़, साक्षी मलिक ,दीपा मलिक, बबिता फोगाट, विनेश फोगाट का नाम लेते हुए कहा कि ये युवतियां देश का नाम रोशन कर रही है। हमें गर्व है ऐसे समाज पर जिसने देश के गौरवांवित करने के लिए ऐसी बेटियां पैदा की।

क्या कहा जमीन की समस्यां के बारे में सीएम ने

इस मौके पर जाट कल्याण सभा ने जमीन की मांग की तो उस संबंध में सीएम ने कहा कि जमीन के बारे में बात की जा रही है उसे सरकारी प्रक्रिया के अनुसार एग्जामिन कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। आपको बता दें कि समाज की कोशिश है कि उस भूखंड पर सुंदर भवन निर्माण किया जा सके ताकि आगे चलकर लोग आराम से शीतला माता के दर्शन कर सकें। और श्रद्धालुओं को लाभ प्राप्त हो सकें।

शहीद भगत सिंह के पौत्त ने क्या कहा युवाओं को

कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह के पौत्र तथा हरियाणा युवा आयोग के चेयरमैन यादवेंद्र सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के विकास के लिए बहुत ही व्यवस्थित तरीके से कार्य किया है। किसानों के विकास के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व भावांतर भरपाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हुई है। हरियाणा देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इसके अलावा उन्होंने युवाओं को भी नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही स्वस्थ देश का निर्माण कर सकता है। देश के विकास के लिए अपना योगदान दें ना कि नशे में अपनी ऊर्जा खत्म करें।

23 मार्च को क्‍यों किया युवाओं के लिए आह़वान

इस अवसर पर युवाओं से 23 मार्च को शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव के शहीदी दिवस के लिए सभी को रंग दे बसंती के रंग में रंगने के लिए सभी को आगे आने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही साथ बुजूर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को शहीदों की वीर गाथाएं बताएं । ताकि युवाओं को भी पता चले की आजादी किसी एक पल या एक की मेहनत नहीं बल्कि यह वर्षों की तपस्या और हजारों लाखों लोगों की कुर्बानी से मिला हुआ तप है जिसे सहेज कर रखना ही सभी का कर्तव्य है। आजादी की कीमत पहचानों एवं अपने पूर्वजों का सम्मान करों।
-समारोह में बबीता फोगाट ने खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने वाली लड़कियों को किया सम्मानित
  • स्कूल विद्यार्थियों ने अपनी कला की मनोहर प्रस्तुतियां दी।
  • मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया जाट कल्याण सभा की स्मारिका का विमोचन

होली: रंगों से सजे बाजार

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गुडग़ांव: शहर में होली के त्यौहार को लेकर काफी दिनों से चहल-पहल देखने को मिल रही थी, लोगों का मानना है कि होली का त्यौहार ही सिर्फ एक ऐसा त्यौहार है, जिससे पहले लोग अपनी आपसी रंजिशें भुलाकर एक-दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर गले मिलते हैं। एक-दूसरे को रंग लगाकर यह प्रसंग जरूर बोलते हैं कि बुरा न मानो 
होली है। 
होली के त्यौहार को लेकर कुछ ऐसी ही तैयारियां साइबर सिटी के बाजारों के अलावा लोगों के घरों में भी चल रही है, जो होली के त्यौहार के साथ ही संपन्न होंगी। इसके अलावा इस दिन लोगों को एक-दूसरे को गुजिया खिलाकर होली का त्यौहार मनाते हैं, यह होली के त्यौहार की खास परंपरा है। होली के त्यौहार की खरीदारी को लेकर बुधवार को बाजारों में खासी भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन बाजार में खरीदारों का तांता लगा रहा, खचाखच भीड़ के साथ ही लोगों ने होली के रंगो और पिचकारियों की खरीदारी की।

मान जाट गोत्र

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जाटों में मान गोत्र चन्द्रवंश की एक बड़ी व प्रमुख शाखा के रूप में गिना जाता है। अगर इतिहास में हम देखे तो महाभारत में लडऩे वाले यदुवंशी हन्यमान क्षत्रियों का वर्णन हमें प्राप्त होता है। जानकारी के अनुसार इनका एक बड़ा जनपद भी था। अगर हम विष्णु पुराण को पढे तो हमें इनका उल्लेख वहां भी प्राप्त होता है विष्णु पुराण में इनका उल्लेख गन्धर्वों के एक कबीले मौनो के रूप में किया गया है। जिन्होंने नागाओं को नष्ट कर दिया था।
अगर हम  मान शासकों के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रमुख स्रोत है उस समय के सिक्के । मान शासकों के सिक्के गोव तथा कोंकन क्षेत्रों में मिलते हैं। इसके साथ ही साथ मार्कण्डेय पुराण को पढे तो हम पाते है कि मान वंश का देश उत्तर दिशा में लिखा है। जबकि दूसरी और केम्ब्रीज एनशन्ट हिस्ट्री के अनुसार मान जाटों की निवास भूमि का नाम  मान्नाई था जिसकी स्थिति अर्मिया झील के दक्षिण में थी, वहां इनका शासन था। 800 ई पूर्व में इनका राज्य कैस्पियन सागर के दक्षिण में था जो मन्नाई या मान्नाई राज्य कहलाता था जो आज अर्मेनिया है। जबकि कुछ इतिहासकारों ने यह लिखा है कि मान गोत्र का राजा मान नाम का था उसी के नाम पर इस गोत्र का प्रचलन हुआ। ये मान गोत्र के जाट सूर्यवंशी हैं। 
अगर हम बात पंजाब की करें तो मान गोत्र के लोग पंजाब में सिक्ख जाट हैं जबकि वहीं दूसरी और हरियाणा और यूपी में देखे तो हरियाणा में यूपी में तथा  राजस्थान में हिन्दू वैदिक धर्मी हैं। हिसार में मुढाल व राजथल, रोहतक में ईशर खेड़ी, लोआ कलां, अलीपुर, खेड़ा मान, हलूण्डी कलां, हलूण्डी खुर्द, नया बासमान, पहलादपुर आदि। भिवानी में मुंढाल, दिल्ली प्रान्त में पहलादपुर, बांगर, होलंबी खेड़ा मान जाटों के गांव हैं।
मान जाट यू0 पी0, हरियाणा तथा राजस्थान में वैदिकधर्मी हैं। अगर हम इनकी शारीरिक संचरना की बात करें तो मान जाट लम्बे कद वाले, गेहूंरंगे, खूबसूरत तथा बड़े बहादुर हैं। पश्चिमी पाकिस्तान के डेरा इस्माइलखान आदि क्षेत्रों में इन के लिए कहावत प्रसिद्ध है कि मान-पूनिया , खान पीन में अलग-अलग, लूटने में । अर्थात् ये तीनों जाटगोत्र उधर के आतंककारी बहुसंख्यक गिरोह थे।

भारत सरकार द्वारा सन् 1911 में कराई गई जनगणना के अनुसार पंजाब में मान जाटों की संख्या निम्न प्रकार से थी।
1. मान हिन्दू जाट - 12587 (जिले - शाहपुर, लायलपुर, रियासत लोहारू, कलसिया, पटियाला, जींद, नाभा)।
2. मान सिक्ख जाट - 37482 (जिले - अम्बाला, लायलपुर, रियासत पटियाला, जींद, नाभा)।
3. मान मुसलमान जाट - 5261 (जिले - अम्बाला, लायलपुर, रियासत जींद)।
कुल संख्या - 55330
इनके अतिरिक्त उत्तरप्रदेश में लगभग 3000 थी।
समाज सेवी  - चौधरी रणसिंह मान, श्रीमती जानकी दवी, उदयसिंह मान, आदि रहे हैं।